- 'ग्राम चिकित्सालय' सीजन 2 में आकांक्षा रंजन कपूर ने छोड़ी गहरी छाप, दर्शकों ने की जमकर तारीफ
- आमिर खान प्रोडक्शन ने मनाया 25 साल का जश्न। दंगल कुश्ती गुरु भी जश्न में हुए शामिल
- शीना चौहान ने बताया कैसे करती हैं इंटेंस रोल्स की तैयारी: "हर किरदार में अपना दिल और आत्मा झोंक देती हूं"
- How Sheena Chohan Prepares Emotionally for Intense Screen Roles: "I Give Every Character My Complete Heart and Soul"
- जबलपुर रॉयल लायंस ने लगातार तीन जीत के साथ एमपीएल टी20सीजन 3 में बनाई अपनी मजबूत पकड़
इंदौर में आयुष मंत्रालय अनुसंधान केंद्र खोलने की कवायत शुरू
इंदौर के सांसद से आयुष मंत्रालय के निदेशक की मुलाकात
इंदौर। आयुष मंत्रालय भारत सरकार में निदेशक डॉ. शशिरंजन विद्यार्थी ने सांसद शंकर लालवानी से मिलकर इंदौर में आयुष मंत्रालय के अंर्तगत अनुसंधान केंद्र खोले जाने की संभावना पर सहमति जाहिर की। उन्होंने कहां कि इसके लिए प्रदेश सरकार को आयुष मंत्रालय को इस आशय का प्रस्ताव भेजना होगा। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल से सीधे मिलकर भी इंदौर में अनुसंधान केंद्र खोलने हेतु निवेदन किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. विद्यार्थी आयुष मंत्रालय में आयुष एजुकेशन और स्कीम के साथ साथ आयुष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी संभाल रहें हैं। उन्होंने बताया कि पब्लिक हेल्थ इनिशिएटिव के अंतर्गत मंत्रालय से किसी भी आयुष चिकित्सक को या संस्था को डेढ़ लाख रूपये तक मिल सकते हैं। लेकिन उन्हें आयुष के विकास के लिए कार्य करना होगा।
डॉ विद्यार्थी के साथ इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक तथा केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसन्धान परिषद् आयुष मंत्रालय भारत सरकार के साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य डॉ एके द्विवेदी तथा शिवांग होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज भोपाल के प्राचार्य डॉ डी एन मिश्रा भी सांसद शंकर लालवानी से मिले। उन्होने आश्वस्त किया कि इंदौर में अनुसन्धान केंद्र खोलने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। जरुरत होने पर इस संबंध में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश के आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे से मुलाकात कर सभी आवश्यक कार्ववाही शीघ्र सुनुश्चित करेंगे।
डॉ विद्यार्थी ने डॉ द्विवेदी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य आयुष चिकित्सकों को भी डॉ. द्विवेदी को तरह कार्य करना चाहिए। आपने कहा कि देश में कम ही ऐसे चिकित्सक होंगे जो शिक्षण कार्य के साथ साथ अनुसंधान कार्य करते हुए चिकित्सालय भी सफलता पूर्वक चला रहें होंगे। इसलिए डॉ. द्विवेदी को भविष्य में आयुष मंत्रालय में और भी अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की जा सकती है।


